गुरुवार, 6 नवंबर 2025

 

मेरी झोपड़ी के भाग, आज खुल जाएंगे, राम आएँगे – भजन Lyrics

“मेरी झोपड़ी के भाग, आज खुल जाएंगे, राम आएँगे” – भजन के बोल

मेरी झोपड़ी के भाग,
आज खुल जाएंगे,
राम आएँगे,
राम आएँगे आएँगे,
राम आएँगे,
मेरी झोपड़ी के भाग,
आज खुल जाएंगे,
राम आएँगे ॥
राम आएँगे तो,
आंगना सजाऊँगी,
दीप जलाके,
दिवाली मनाऊँगी,
मेरे जन्मों के सारे,
पाप मिट जाएंगे,
राम आएँगे,
मेरी झोपड़ी के भाग,
आज खुल जाएंगे,
राम आएँगे ॥
राम झूलेंगे तो,
पालना झुलाऊँगी,
मीठे मीठे मैं,
भजन सुनाऊँगी,
मेरी जिंदगी के,
सारे दुःख मिट जाएंगे,
राम आएँगे,
मेरी झोपड़ी के भाग,
आज खुल जाएंगे,
राम आएँगे ॥
मैं तो रुचि रुचि,
भोग लगाऊँगी,
माखन मिश्री मैं,
राम को खिलाऊँगी,
प्यारी प्यारी राधे,
प्यारे श्याम संग आएँगे,
राम आएँगे,
मेरी झोपड़ी के भाग,
आज खुल जाएंगे,
राम आएँगे ॥
मेरा जनम सफल,
हो जाएगा,
तन झूमेगा और,
मन गीत गाएगा,
राम सुंदर मेरी,
किस्मत चमकाएंगे,
राम आएँगे,
मेरी झोपड़ी के भाग,
आज खुल जाएंगे,
राम आएँगे ॥
मेरी झोपड़ी के भाग,
आज खुल जाएंगे,
राम आएँगे,
राम आएँगे आएँगे,
राम आएँगे,
मेरी झोपड़ी के भाग,
आज खुल जाएंगे,
राम आएँगे ॥

 Name: Dr. Amrita Chaurasia

Qualification: D.Phil., UGC JRF, UGC NET
Designation: Lecturer
Department: Music Department
Institute Name / College Address : University of Allahabad, Prayagraj, Uttar Pradesh, India.
Publication Type: Journal
Paper Title: Uttar Bhartiya Sangeet Me Bandish
Journal Name: Sangeet Galaxy
Volume: 4
Issue No.: 1
Month of Publication: January
Year: 2015
Page No.: 45-49
ISSN: 2319-9695


About Dr. Amrita Chaurasia


Dr. Amrita Chaurasia working as a Music Teacher, Lecturer at Arya Kanya Inter College Saharanpur. Last Year She was completed Ph.d. degree in music subject within 10 years under the guidance of Late. Professor Rashmi Dixit madam. Her Topic is “uttar bhartiya sangeet me dhrupad gayan evam vadan ke shailigat vikas ka vivechnatmak adhyayan.” Duration of her research time she was attended many International and National seminars
as a speaker in all over India as well as Her research paper and articles also published many books, magazines, browser and news paper. Also Teaching many privet school and before four years she became government music teacher. She is music lover and performing several music programme, and created many students in music field. Doing many creative work in music. Her hobby is music vocal, instructions, reading books, writing poem, games,sports etc. She was fighting many competitions.


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बुधवार, 27 जुलाई 2022

झण्डा गीत

 विजयी विश्व तिरंगा प्यारा (झंडा गीत) / श्यामलाल गुप्त 'पार्षद'


विजयी विश्व तिरंगा प्यारा,

झंडा ऊंचा रहे हमारा।


सदा शक्ति बरसाने वाला,

प्रेम सुधा सरसाने वाला,

वीरों को हरषाने वाला,

मातृभूमि का तन-मन सारा।। झंडा...।


स्वतंत्रता के भीषण रण में,

लखकर बढ़े जोश क्षण-क्षण में,


कांपे शत्रु देखकर मन में,

मिट जाए भय संकट सारा।। झंडा...।


इस झंडे के नीचे निर्भय,

लें स्वराज्य यह अविचल निश्चय,


बोलें भारत माता की जय,

स्वतंत्रता हो ध्येय हमारा।। झंडा...।


आओ! प्यारे वीरो, आओ।

देश-धर्म पर बलि-बलि जाओ,


एक साथ सब मिलकर गाओ,

प्यारा भारत देश हमारा।। झंडा...।


इसकी शान न जाने पाए,

चाहे जान भले ही जाए,


विश्व-विजय करके दिखलाएं,

तब होवे प्रण पूर्ण हमारा।। झंडा...।


विजयी विश्व तिरंगा प्यारा,

झंडा ऊंचा रहे हमारा।

रचनाकाल : 1924

मंगलवार, 19 अक्टूबर 2021

राजस्थानी लोकगीत

लोकगीत

 कालयो कूद पड्यो मेले में

साईकल पंक्चर कर ल्यायो ||

दो दिन ढब जा रे डोकरिया

छोरी म्हारी बाजारियों काढ़े ||

आए बाज बाज राय डूंगर में

छोरी तने लेबलो आयो ||

जयपुर जाजे कब्जो ल्याजे

कब्जो लाल बूटी को ||

छोरी चटक मटक मत चाले

कमर में लचको पड़ जागो ||

जल्दी सीजे रे दर्दीका

छोरी म्हारी सासरिये जा सी ||

काजल टिकी के नखरे में

छोरी म्हारी मार मत जाजे रे ||

छोरी छपरे में लुक जय रे

तन्नेे लेवनियो आयो ||

कालयोकूद पड्यो मेले में

साईकल पंक्चर कर ल्यायो ||

गुरुवार, 5 अगस्त 2021

देशभक्ति गीत

 देशगान


उठो जवान देश की वसुंधरा पुकारती...देशभक्ति गीत

 

उठो जवान देश की वसुंधरा पुकारती 


देश है पुकारता पुकारती माँ भारती


रगों में तेरे बह रहा है खून राम श्याम का 


जगत गुरु गोविन्द और राजपूत शान का 


तू चल पड़ा तो चल पड़ेगी 


साथ तेरे भारती 



सोये कर धरा को फोड़ आसमा की कालिमा 


जगा दे सुप्रभात को फैलादे अपनी लालिमाँ 


तेरी शुभ्र कीर्ति विश्व संकटों को तारती 


उठा खड़ग बढ़ा कदम कदम बढ़ाए जा 


कदम कदम पे दुश्मनों के धड़ से सर उड़ाए जा 


उठेगा विश्व हाँथ जोड़ के तेरी आरती 


देश है पुकारता पुकारती माँ भारती 



हे शत्रु धन धना रहा चहुँ दिशा में देश की 


पता बता रही हमें किरण किरण दिनेश की 


वो चक्रवर्ती विश्व विजय मातृभूमि निहारती


देश है पुकारता पुकारती मां भारती।।