लोकगीत
कालयो कूद पड्यो मेले में
साईकल पंक्चर कर ल्यायो ||
दो दिन ढब जा रे डोकरिया
छोरी म्हारी बाजारियों काढ़े ||
आए बाज बाज राय डूंगर में
छोरी तने लेबलो आयो ||
जयपुर जाजे कब्जो ल्याजे
कब्जो लाल बूटी को ||
छोरी चटक मटक मत चाले
कमर में लचको पड़ जागो ||
जल्दी सीजे रे दर्दीका
छोरी म्हारी सासरिये जा सी ||
काजल टिकी के नखरे में
छोरी म्हारी मार मत जाजे रे ||
छोरी छपरे में लुक जय रे
तन्नेे लेवनियो आयो ||
कालयोकूद पड्यो मेले में
साईकल पंक्चर कर ल्यायो ||