मंगलवार, 19 अक्टूबर 2021

राजस्थानी लोकगीत

लोकगीत

 कालयो कूद पड्यो मेले में

साईकल पंक्चर कर ल्यायो ||

दो दिन ढब जा रे डोकरिया

छोरी म्हारी बाजारियों काढ़े ||

आए बाज बाज राय डूंगर में

छोरी तने लेबलो आयो ||

जयपुर जाजे कब्जो ल्याजे

कब्जो लाल बूटी को ||

छोरी चटक मटक मत चाले

कमर में लचको पड़ जागो ||

जल्दी सीजे रे दर्दीका

छोरी म्हारी सासरिये जा सी ||

काजल टिकी के नखरे में

छोरी म्हारी मार मत जाजे रे ||

छोरी छपरे में लुक जय रे

तन्नेे लेवनियो आयो ||

कालयोकूद पड्यो मेले में

साईकल पंक्चर कर ल्यायो ||